e-Nibandhan Portal Bihar 2025 : नमस्कार दोस्तों, बिहार सरकार ने नागरिकों को भूमि, विवाह, और अन्य आवश्यक पंजीकरण सेवाओं को सरल और डिजिटल बनाने के लिए ई-निबंधन पोर्टल (e-Nibandhan Portal) की शुरुआत की है। निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा विकसित इस पोर्टल के माध्यम से अब लोग भूमि पंजीकरण, विवाह पंजीकरण, दस्तावेज़ पंजीकरण, संस्था पंजीकरण और प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त करने जैसी सेवाओं का लाभ घर बैठे ले सकते हैं।
1. ई-निबंधन पोर्टल का परिचय
ई-निबंधन पोर्टल बिहार राज्य में भूमि निबंधन की प्रक्रिया को डिजिटल रूप से सुगम बनाने के लिए विकसित किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से अब भूमि संबंधित दस्तावेजों का पंजीकरण ऑनलाइन किया जा सकता है। पहले यह प्रक्रिया पूरी तरह से कागजी थी, जिसमें लोगों को जमीन के दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे। इसके अलावा, समय की बर्बादी और भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं भी उत्पन्न होती थीं। इस पोर्टल का उद्देश्य इन समस्याओं का समाधान करना है।
2. ई-निबंधन पोर्टल के उद्देश्य
ई-निबंधन पोर्टल के माध्यम से कई महत्वपूर्ण उद्देश्यों को प्राप्त किया जा रहा है:
- सुविधा और सरलता: भूमि निबंधन की प्रक्रिया को ऑनलाइन करके लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा, सभी दस्तावेजों को घर बैठे ऑनलाइन अपलोड किया जा सकता है।
- पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण: डिजिटल प्रणाली के चलते फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण पाया जा सकता है। अब किसी भी दस्तावेज के पंजीकरण की प्रक्रिया को आसानी से ट्रैक किया जा सकता है।
- समय की बचत: पुरानी पद्धतियों की तुलना में ई-निबंधन पोर्टल पर प्रक्रिया अधिक त्वरित होती है, जिससे समय की बचत होती है।
- सुरक्षा: दस्तावेजों का पंजीकरण और उनका डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है, जिससे नकल और फर्जी दस्तावेजों से बचाव होता है।
e-Nibandhan Portal Bihar 2025 – Highlights
पोर्टल का नाम | e-Nibandhan Portal Bihar 2025 |
शुरुआत | बिहार सरकार द्वारा |
विभाग | निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग |
मुख्य सेवाएं | भूमि पंजीकरण, विवाह पंजीकरण, दस्तावेज़ पंजीकरण, संस्था पंजीकरण, प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त करना |
लाभ | ऑनलाइन आवेदन, पारदर्शी प्रक्रिया, समय की बचत, सरकारी दर की जांच, डिजिटल भुगतान |
कैसे करें आवेदन? | आधिकारिक पोर्टल पर लॉगिन कर फॉर्म भरें और आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें |
भुगतान सुविधा | UPI, नेट बैंकिंग, डेबिट/क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन चालान जमा |
अपॉइंटमेंट बुकिंग | ऑनलाइन स्लॉट बुक कर निर्धारित तिथि पर रजिस्ट्रेशन कार्यालय जाएं |
सरकारी मूल्य (MVR) जांच | पोर्टल पर “Property Valuation” सेक्शन से |
आधिकारिक वेबसाइट | e-Nibandhan Portal (आधिकारिक लिंक) |
Years | 2024 |
3. ई-निबंधन पोर्टल की कार्यप्रणाली
ई-निबंधन पोर्टल की कार्यप्रणाली को समझना महत्वपूर्ण है। यह पोर्टल बिहार सरकार के राजस्व और भूमि सुधार विभाग के तहत संचालित है। इस पोर्टल पर भूमि के पंजीकरण के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई जाती है:
3.1 रजिस्ट्रेशन और लॉगिन
सबसे पहले, नागरिकों को पोर्टल पर रजिस्टर करना होता है। इसके लिए उन्हें अपनी व्यक्तिगत जानकारी और संपर्क विवरण दर्ज करना होता है। रजिस्ट्रेशन के बाद, उपयोगकर्ता को लॉगिन विवरण प्राप्त होता है, जिसके माध्यम से वह पोर्टल में प्रवेश कर सकता है।
3.2 दस्तावेज अपलोड करना
इसके बाद, भूमि निबंधन के लिए संबंधित दस्तावेजों को पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। इसमें भूमि के संबंधित सभी प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज शामिल होते हैं। सभी दस्तावेजों को डिजिटल स्वरूप में अपलोड करना होता है, ताकि प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन हो सके।
3.3 फीस का भुगतान
निबंधन की प्रक्रिया में एक निश्चित शुल्क निर्धारित किया जाता है। इस शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जाता है। पोर्टल पर भुगतान के लिए विभिन्न विकल्प दिए जाते हैं, जैसे कि क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, आदि।
3.4 निबंधन प्रक्रिया की पुष्टि
सभी दस्तावेज अपलोड करने और शुल्क का भुगतान करने के बाद, निबंधन अधिकारी द्वारा दस्तावेजों की जांच की जाती है। यदि सभी दस्तावेज सही पाए जाते हैं, तो पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होती है और नागरिक को पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।
4. ई-निबंधन पोर्टल के लाभ
ई-निबंधन पोर्टल के माध्यम से कई लाभ प्राप्त हो रहे हैं:
4.1 समय की बचत
इस पोर्टल के जरिए नागरिकों को न केवल घर बैठे पंजीकरण करने की सुविधा मिल रही है, बल्कि पूरी प्रक्रिया भी बहुत तेज हो गई है। पुराने समय में जहां एक पंजीकरण प्रक्रिया में कई दिन लग जाते थे, वहीं अब यह प्रक्रिया केवल कुछ घंटों में पूरी हो जाती है।
4.2 भ्रष्टाचार में कमी
पहले भूमि निबंधन प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और घूसखोरी के कई मामले सामने आते थे। ई-निबंधन पोर्टल के माध्यम से अब इस प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है, जिससे भ्रष्टाचार में कमी आई है।
4.3 डिजिटल प्रमाणपत्र
इस पोर्टल के माध्यम से मिलने वाला प्रमाणपत्र पूरी तरह से डिजिटल होता है, जिसे कहीं भी आसानी से एक्सेस किया जा सकता है। यह प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए भी उपयोगी होता है।
4.4 सुविधाजनक सेवाएं
इसके अलावा, पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को कई सुविधाजनक सेवाएं मिलती हैं, जैसे कि भूमि संबंधित सवालों का उत्तर, भूमि रिकॉर्ड की जानकारी, निबंधन के स्टेटस की ट्रैकिंग आदि।
4.5 भ्रष्टाचार पर काबू
क्योंकि अब सभी कार्य डिजिटल रूप से किए जा रहे हैं, इसलिए पंजीकरण में किसी भी तरह के भ्रष्टाचार या जालसाजी के मामले बहुत कम हो गए हैं। सभी दस्तावेजों की जांच आसानी से की जा सकती है।
5. आवश्यक दस्तावेज
ई-निबंधन पोर्टल पर पंजीकरण के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- पहचान प्रमाण – आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी आदि।
- पता प्रमाण – बिजली का बिल, पानी का बिल, आदि।
- भूमि के दस्तावेज – भूमि का कब्जा प्रमाण, दस्तावेज़ आदि।
- स्वीकृति प्रमाण – खरीद या बिक्री के दस्तावेज।
- गवाही पत्र – संपत्ति पर स्वामित्व के प्रमाण के रूप में।